सहारनपुर : UP ATS को मुरादाबाद में एक बड़ी सफलता मिली है। ATS ने एक 19 साल के BDS छात्र को गिरफ्तार किया है, जिसका संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के ऑनलाइन मॉड्यूल से है। गिरफ्तार छात्र की पहचान हारिस अली के रूप में हुई है, जो सहारनपुर शहर के कुतुबशेर थाना क्षेत्र के मनकामाऊ का रहने वाला है। वह BDS का दूसरे साल का छात्र है और मुरादाबाद के एक कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि हारिस अली आतंकी संगठन ISIS के ऑनलाइन मॉड्यूल के लिए काम कर रहा था। ATS ने युवक से ऐसे सबूत भी बरामद किए हैं जो आतंकी संगठन से उसके संबंधों को साबित करते हैं। ATS फिलहाल हारिस अली से पूछताछ कर रही है। इस बीच, उसके परिवार वाले आतंकी गतिविधियों में उसकी कथित संलिप्तता की खबर सुनकर सन्न हैं। सूचना मिलते ही परिवार के सभी सदस्य तुरंत मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का आतंकवाद से जुड़ाव का एक लंबा इतिहास रहा है। यही कारण है कि सहारनपुर में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में अक्सर लोगों को पकड़ा जाता रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि आतंकी संगठनों ने अब “हाई-प्रोफाइल” यानी, बेहद पढ़े-लिखे लोगों को अपने संगठन में भर्ती करना शुरू कर दिया है। मेडिकल क्षेत्र के पेशेवरों को तेजी से “आसान निशाना” (soft targets) के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के दिनों में सहारनपुर के एक अस्पताल में काम करने वाले डॉ. अकील की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर आतंकी संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। कथित आतंकी डॉ. अकील अहमद भी सहारनपुर के उसी इलाके में किराए के मकान में रहता था, जहाँ मुरादाबाद में गिरफ्तार BDS छात्र हारिस अली का पुश्तैनी घर है।
मुरादाबाद में गिरफ्तार आतंकी संदिग्ध 19 साल के हारिस अली के घर का सहारनपुर के कुतुबशेर थाना क्षेत्र के मनकामऊ में है। उसके घर के बाहर स्थानीय निवासियों की भीड़ जमा है। हालाँकि उस कोठी के अंदर परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं है। क्योंकि हारिस की गिरफ़्तारी के बाद पूरा परिवार मुरादाबाद गया हुआ है। हारिस के पड़ोसियों से बात की, तो उन्होंने बताया कि उनका परिवार इस इलाके में पीढ़ियों से रह रहा है। उनके पूर्वज जिनमें उनके दादा और परदादा न केवल देश की जानी-मानी सिगरेट बनाने वाली कंपनी ITC में काम करते थे, बल्कि इलाके के प्रमुख ज़मींदारों में भी गिने जाते थे। हारिस के पिता अभी भी ITC में ही कार्यरत हैं। हारिस के बड़े भाई डॉक्टर हैं, जिनके पास MBBS और MD दोनों डिग्रियाँ हैं, जबकि उनकी बहन अभी MBBS की पढ़ाई कर रही है; हारिस खुद मुरादाबाद के एक मेडिकल कॉलेज से BDS की डिग्री हासिल कर रहा था।
पड़ोसियों ने बताया कि हारिस के परिवार को एक सम्मानित और सुशिक्षित परिवार माना जाता है। इस परिवार का कभी किसी से कोई विवाद नहीं रहा। तीनों भाई-बहन अपनी पढ़ाई-लिखाई में हमेशा से ही बहुत मेहनती रहे हैं। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने हारिस को कभी भी किसी गलत संगत में नहीं देखा। वह अक्सर अपनी पढ़ाई के सिलसिले में घर से दूर रहता था और कभी-कभार ही अपने परिवार से मिलने आता था। पड़ोसियों ने तो अपने बुरे से बुरे सपने में भी यह नहीं सोचा था कि जिस लड़के ने डॉक्टर बनकर समाज और देश की सेवा करने के लिए दिन-रात पढ़ाई की थी, वही लड़का आगे चलकर आतंकवादी संगठनों से जुड़ जाएगा और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाएगा। हारिस के पड़ोसियों ने इस बात की भी आशंका जताई है कि, एक होनहार नौजवान के तौर पर उसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए, हो सकता है कि उसे झूठे केस में फँसाया गया हो।

